Monday, 3 August 2020

Poetry

#Mar points
#Mar activities
#lockdown
कुछ बिती यादें,
कुछ मुस्कुराते पल,
खामोशी से चल ,
और याद कर वो पल..!!

दूरियों की आगोश  में,
नफ़्ज में बहती यादे है,
समेट चले हम इन छोटी-छोटी यादों को,
दिल में बैठी वहीं अधूरी बातें है..!!

मिट्टी नहीं है आज रेगिस्तान में,
चांद की रोशनी नहीं है आज आसमान में,
लगता है सितारे छुप गए है इस आवाम में,
उस गाने की धुन की जगह आज भी है मेरी जान में..!!

मुसाफिर के गलियारे मे आज फिर शाम हो गई,
ख़्वाब उसे और वो ख्वाब को दुंधते रह गई,
हां फिर सुबह हुई एक बार,
पर इस बार वो दर्द को देखती रह गई,और दर्द उसे...!!